Frequently Asked Questions about Surah Nuh
How many verses are in Surah Nuh?
There are 28 verses in Surah Nuh.
Is Surah Nuh a Meccan or Medinan Surah?
Surah Nuh is a Meccan Surah.
Arabic Text and Translation
Verse 71:1
إِنَّآ أَرْسَلْنَا نُوحًا إِلَىٰ قَوْمِهِۦٓ أَنْ أَنذِرْ قَوْمَكَ مِن قَبْلِ أَن يَأْتِيَهُمْ عَذَابٌ أَلِيمٌ
निःसंदेह हमने नूह़ को उनकी जाति की ओर भेजा कि अपनी जाति को सावधान कर दो, इससे पहले कि उनके पास दर्दनाक यातना आ जाए।
Verse 71:2
قَالَ يَـٰقَوْمِ إِنِّى لَكُمْ نَذِيرٌ مُّبِينٌ
उसने कहा : ऐ मेरी जाति के लोगो! निःसंदेह मैं तुम्हें स्पष्ट रूप से डराने वाला हूँ।
Verse 71:3
أَنِ ٱعْبُدُوا۟ ٱللَّهَ وَٱتَّقُوهُ وَأَطِيعُونِ
कि अल्लाह की इबादत करो तथा उससे डरो और मेरी बात मानो।
Verse 71:4
يَغْفِرْ لَكُم مِّن ذُنُوبِكُمْ وَيُؤَخِّرْكُمْ إِلَىٰٓ أَجَلٍ مُّسَمًّى ۚ إِنَّ أَجَلَ ٱللَّهِ إِذَا جَآءَ لَا يُؤَخَّرُ ۖ لَوْ كُنتُمْ تَعْلَمُونَ
वह तुम्हारे लिए तुम्हारे पापों को क्षमा कर देगा तथा तुम्हें एक निर्धारित समय1 तक मोहलत देगा। निश्चय जब अल्लाह का निर्धारित समय आ जाता है, तो वह टाला नहीं जाता, काश कि तुम जानते होते।
Verse 71:5
قَالَ رَبِّ إِنِّى دَعَوْتُ قَوْمِى لَيْلًا وَنَهَارًا
उसने कहा : ऐ मेरे रब! निःसंदेह मैंने अपनी जाति को रात-दिन बुलाया।
Verse 71:6
فَلَمْ يَزِدْهُمْ دُعَآءِىٓ إِلَّا فِرَارًا
तो मेरे बुलाने से ये लोग और ज़्यादा भागने लगे।
Verse 71:7
وَإِنِّى كُلَّمَا دَعَوْتُهُمْ لِتَغْفِرَ لَهُمْ جَعَلُوٓا۟ أَصَـٰبِعَهُمْ فِىٓ ءَاذَانِهِمْ وَٱسْتَغْشَوْا۟ ثِيَابَهُمْ وَأَصَرُّوا۟ وَٱسْتَكْبَرُوا۟ ٱسْتِكْبَارًا
और निःसंदेह मैंने जब भी उन्हें बुलाया, ताकि तू उन्हें क्षमा कर दे, तो उन्होंने अपनी उँगलियाँ अपने कानों में डाल लीं तथा अपने कपड़े ओढ़ लिए1 और हठ दिखाया और बड़ा घमंड किया।
Verse 71:8
ثُمَّ إِنِّى دَعَوْتُهُمْ جِهَارًا
फिर निःसंदेह मैंने उन्हें खुल्ल-मखुल्ला बुलाया।
Verse 71:9
ثُمَّ إِنِّىٓ أَعْلَنتُ لَهُمْ وَأَسْرَرْتُ لَهُمْ إِسْرَارًا
फिर निःसंदेह मैंने उन्हें उच्च स्वर में आमंत्रित किया और मैंने उन्हें चुपके-चुपके (भी) समझाया।
Verse 71:10
فَقُلْتُ ٱسْتَغْفِرُوا۟ رَبَّكُمْ إِنَّهُۥ كَانَ غَفَّارًا
तो मैंने कहा : अपने पालनहार से क्षमा माँगो। निःसंदेह वह बहुत क्षमा करने वाला है।
Verse 71:11
يُرْسِلِ ٱلسَّمَآءَ عَلَيْكُم مِّدْرَارًا
वह तुम पर मूसलाधार बारिश बरसाएगा।
Verse 71:12
وَيُمْدِدْكُم بِأَمْوَٰلٍ وَبَنِينَ وَيَجْعَل لَّكُمْ جَنَّـٰتٍ وَيَجْعَل لَّكُمْ أَنْهَـٰرًا
और वह तुम्हें धन और बच्चों में वृद्धि प्रदान करेगा तथा तुम्हारे लिए बाग़ बना देगा और तुम्हारे लिए नहरें निकाल देगा।
Verse 71:13
مَّا لَكُمْ لَا تَرْجُونَ لِلَّهِ وَقَارًا
तुम्हें क्या हो गया है कि तुम अल्लाह की महिमा से नहीं डरते?
Verse 71:14
وَقَدْ خَلَقَكُمْ أَطْوَارًا
हालाँकि उसने तुम्हें विभिन्न चरणों1 में पैदा किया है।
Verse 71:15
أَلَمْ تَرَوْا۟ كَيْفَ خَلَقَ ٱللَّهُ سَبْعَ سَمَـٰوَٰتٍ طِبَاقًا
क्या तुमने देखा नहीं कि अल्लाह ने किस तरह ऊपर-तले सात आकाश बनाए?
Verse 71:16
وَجَعَلَ ٱلْقَمَرَ فِيهِنَّ نُورًا وَجَعَلَ ٱلشَّمْسَ سِرَاجًا
और उसने उनमें चाँद को प्रकाश बनाया और सूर्य को दीपक बनाया।
Verse 71:17
وَٱللَّهُ أَنۢبَتَكُم مِّنَ ٱلْأَرْضِ نَبَاتًا
और अल्लाह ही ने तुम्हें धरती1 से (विशेष ढंग से) उगाया।
Verse 71:18
ثُمَّ يُعِيدُكُمْ فِيهَا وَيُخْرِجُكُمْ إِخْرَاجًا
फिर वह तुम्हें उसी में वापस ले जाएगा और तुम्हें (उसी से) निकालेगा।
Verse 71:19
وَٱللَّهُ جَعَلَ لَكُمُ ٱلْأَرْضَ بِسَاطًا
और अल्लाह ने तुम्हारे लिए धरती को बिछौना बनाया।
Verse 71:20
لِّتَسْلُكُوا۟ مِنْهَا سُبُلًا فِجَاجًا
ताकि तुम उसके विस्तृत मार्गों पर चलो।