Frequently Asked Questions about Surah Ash-Shams
How many verses are in Surah Ash-Shams?
There are 15 verses in Surah Ash-Shams.
Is Surah Ash-Shams a Meccan or Medinan Surah?
Surah Ash-Shams is a Meccan Surah.
Arabic Text and Translation
Verse 91:1
وَٱلشَّمْسِ وَضُحَىٰهَا
सूरज की क़सम! तथा उसके ऊपर चढ़ने के समय की क़सम!
Verse 91:2
وَٱلْقَمَرِ إِذَا تَلَىٰهَا
तथा चाँद की (क़सम), जब वह सूरज के पीछे आए।
Verse 91:3
وَٱلنَّهَارِ إِذَا جَلَّىٰهَا
और दिन की (क़सम), जब वह उस (सूरज) को प्रकट कर दे!
Verse 91:4
وَٱلَّيْلِ إِذَا يَغْشَىٰهَا
और रात की (क़सम), जब वह उस (सूरज) को ढाँप ले।
Verse 91:5
وَٱلسَّمَآءِ وَمَا بَنَىٰهَا
और आकाश की तथा उसके निर्माण की (क़सम)।
Verse 91:6
وَٱلْأَرْضِ وَمَا طَحَىٰهَا
और धरती की तथा उसे बिछाने की (क़सम!)1
Verse 91:7
وَنَفْسٍ وَمَا سَوَّىٰهَا
और आत्मा की तथा उसके ठीक-ठाक बनाने की (क़सम)।
Verse 91:8
فَأَلْهَمَهَا فُجُورَهَا وَتَقْوَىٰهَا
फिर उसके दिल में उसकी बुराई और उसकी परहेज़गारी (की समझ) डाल दी।1
Verse 91:9
قَدْ أَفْلَحَ مَن زَكَّىٰهَا
निश्चय वह सफल हो गया, जिसने उसे पवित्र कर लिया।
Verse 91:10
وَقَدْ خَابَ مَن دَسَّىٰهَا
तथा निश्चय वह विफल हो गया, जिसने उसे (पापों में) दबा दिया।1
Verse 91:11
كَذَّبَتْ ثَمُودُ بِطَغْوَىٰهَآ
समूद (की जाति) ने अपनी सरकशी के कारण झुठलाया।
Verse 91:12
إِذِ ٱنۢبَعَثَ أَشْقَىٰهَا
जब उसका सबसे दुष्ट व्यक्ति उठ खड़ा हुआ।
Verse 91:13
فَقَالَ لَهُمْ رَسُولُ ٱللَّهِ نَاقَةَ ٱللَّهِ وَسُقْيَـٰهَا
तो अल्लाह के रसूल ने उनसे कहा : अल्लाह की ऊँटनी और उसके पीने की बारी का ध्यान रखो।
Verse 91:14
فَكَذَّبُوهُ فَعَقَرُوهَا فَدَمْدَمَ عَلَيْهِمْ رَبُّهُم بِذَنۢبِهِمْ فَسَوَّىٰهَا
परंतु उन्होंने उसे झुठलाया और उस (ऊँटनी) की कूँचें काट दीं, तो उनके पालनहार ने उनके गुनाह के कारण उन्हें पीस कर विनष्ट कर दिया और उन्हें मटियामेट कर दिया।
Verse 91:15
وَلَا يَخَافُ عُقْبَـٰهَا
और वह उसके परिणाम से नहीं डरता।1