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بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ

Surah Ar-Rahman

Surah Ar-Rahman (The Beneficent) is Surah 55 of the Holy Quran, a Medinan Surah with 78 verses, available here in Hindi.

Surah 55 Medinan 78 verses Hindi

Verse 55:1

اَلرَّحْمٰنُ ۟ۙ

ʹAR-RAḤ-MAAN.

अत्यंत दयावान् ने।

Verse 55:2

عَلَّمَ الْقُرْاٰنَ ۟ؕ

ʻAllamal Q̣urʹaan.

यह क़ुरआन सिखाया।

Verse 55:3

خَلَقَ الْاِنْسَانَ ۟ۙ

Khalaq̣al ʹiñsaan.

उसने मनुष्य को पैदा किया।

Verse 55:4

عَلَّمَهُ الْبَیَانَ ۟

ʻAllamahul bayaan.

उसे बात करना सिखाया।

Verse 55:5

اَلشَّمْسُ وَالْقَمَرُ بِحُسْبَانٍ ۟ۙ

ʹAshshamsu walq̣amaru biḥusbaan;

सूर्य तथा चंद्रमा एक हिसाब से चल रहे हैं।

Verse 55:6

وَّالنَّجْمُ وَالشَّجَرُ یَسْجُدٰنِ ۟

Wannajmu washshajaru yasjudaan.

तथा बिना तने के पौधे और पेड़ सजदा करते हैं।

Verse 55:7

وَالسَّمَآءَ رَفَعَهَا وَوَضَعَ الْمِیْزَانَ ۟ۙ

Was-Samaaaʹa rafaʻahaa wa-waḍaʻal Meezaan

और उसने आकाश को ऊँचा किया और न्याय का संतुलन स्थापित किया।

Verse 55:8

اَلَّا تَطْغَوْا فِی الْمِیْزَانِ ۟

ʹAllaa taṭg̣aw fil meezaan.

ताकि तुम माप-तौल में अति न करो।

Verse 55:9

وَاَقِیْمُوا الْوَزْنَ بِالْقِسْطِ وَلَا تُخْسِرُوا الْمِیْزَانَ ۟

Wa-ʹaq̣eemul wazna bilq̣isṭi wa-laa tukhsirul meezaan.

तथा न्याय के साथ तौल को सीधा रखो और माप-तौल में कमी न करो।

Verse 55:10

وَالْاَرْضَ وَضَعَهَا لِلْاَنَامِ ۟ۙ

Wal-ʹarḍa waḍaʻahaa lilʹanaam:

और उसने धरती को सृष्टि के लिए (रहने योग्य) बनाया।

Verse 55:11

فِیْهَا فَاكِهَةٌ وَّالنَّخْلُ ذَاتُ الْاَكْمَامِ ۟ۖ

Feehaa faakihatuñw wan-nakhlu ẓaatul ʹakmaam;

उसमें फल हैं, तथा आवरणों वाले खजूर के वृक्ष हैं।

Verse 55:12

وَالْحَبُّ ذُو الْعَصْفِ وَالرَّیْحَانُ ۟ۚ

Walḥabbu ẓul ʻaṣfi war-rayḥaan.

और भूसे वाले अन्न तथा सुगंधित पौधे हैं।

Verse 55:13

فَبِاَیِّ اٰلَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبٰنِ ۟

Fabiʹayyi ʹaalaaaʹi Rabbikumaa tukaẓẓibaan?

तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

Verse 55:14

خَلَقَ الْاِنْسَانَ مِنْ صَلْصَالٍ كَالْفَخَّارِ ۟ۙ

Khalaq̣al ʹiñsaana miñ ṣalṣaaliñ kalfakhkhaar,

उसने मनुष्य को ठीकरी की तरह बजने वाली मिट्टी से पैदा किया।

Verse 55:15

وَخَلَقَ الْجَآنَّ مِنْ مَّارِجٍ مِّنْ نَّارٍ ۟ۚ

Wa-khalaq̣al Jaaanna mim maarijim min Naar:

तथा जिन्नों को आग की ज्वाला से पैदा किया।

Verse 55:16

فَبِاَیِّ اٰلَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبٰنِ ۟

Fabiʹayyi ʹaalaaaʹi Rabbikumaa tukaẓẓibaan?

तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

Verse 55:17

رَبُّ الْمَشْرِقَیْنِ وَرَبُّ الْمَغْرِبَیْنِ ۟ۚ

Rabbul Mashriq̣ayni wa-rabbul Mag̣ribayn:

(वह) सूर्योदय के दोनों स्थानों तथा सूर्यास्त के दोनों स्थानों का रब है।

Verse 55:18

فَبِاَیِّ اٰلَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبٰنِ ۟

Fabiʹayyi ʹaalaaʹi Rabbikumaa tukaẓẓibaan?

तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

Verse 55:19

مَرَجَ الْبَحْرَیْنِ یَلْتَقِیٰنِ ۟ۙ

Marajal baḥrayni yaltaq̣iyaan:

उसने दो सागरों को मिला दिया, जो (देखने में) आपस में मिलते हैं।

Verse 55:20

بَیْنَهُمَا بَرْزَخٌ لَّا یَبْغِیٰنِ ۟ۚ

Baynahumaa Barzakhul laa yabg̣iyaan:

उन दोनों के बीच एक अवरोध है (जिससे) वे आगे नहीं बढ़ते।

Verse 55:21

فَبِاَیِّ اٰلَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبٰنِ ۟

Fabiʹayyi ʹaalaaaʹi Rabbikumaa tukaẓẓibaan?

तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

Verse 55:22

یَخْرُجُ مِنْهُمَا اللُّؤْلُؤُ وَالْمَرْجَانُ ۟ۚ

Yakhruju minhumal Luʹluʹu wal-Marjaan:

उन दोनों से मोती और मूँगा निकलते हैं।

Verse 55:23

فَبِاَیِّ اٰلَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبٰنِ ۟

Fabiʹayyi ʹaalaaaʹi Rabbikumaa tukaẓẓibaan?

तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

Verse 55:24

وَلَهُ الْجَوَارِ الْمُنْشَـٰٔتُ فِی الْبَحْرِ كَالْاَعْلَامِ ۟ۚ

Wa-lahul Jawaaril muñ-shaʹaaatu fil baḥri kal-ʹaʻlaam:

तथा उसी के अधिकार में हैं समुद्र में चलने वाले पहाड़ों जैसे जहाज़।

Verse 55:25

فَبِاَیِّ اٰلَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبٰنِ ۟۠

Fabiʹayyi ʹaalaaaʹi Rabbikumaa tukaẓẓibaan?

तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

Verse 55:26

كُلُّ مَنْ عَلَیْهَا فَانٍ ۟ۚۖ

Kullu man ʻalayhaa faan:

हर कोई जो इस (धरती) पर है, नष्ट होने वाला है।

Verse 55:27

وَّیَبْقٰی وَجْهُ رَبِّكَ ذُو الْجَلٰلِ وَالْاِكْرَامِ ۟ۚ

Wa-yabq̣aa Wajhu Rabbika Ẓul Jalaali wal-ʹIkraam.

तथा आपके पालनहार का चेहरा बाक़ी रहेगा, जो बड़ी महिमा और सम्मान वाला है।

Verse 55:28

فَبِاَیِّ اٰلَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبٰنِ ۟

Fabiʹayyi ʹaalaaaʹi Rabbikumaa tukaẓẓibaan?

तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

Verse 55:29

یَسْـَٔلُهٗ مَنْ فِی السَّمٰوٰتِ وَالْاَرْضِ ؕ كُلَّ یَوْمٍ هُوَ فِیْ شَاْنٍ ۟ۚ

Yasʹaluhoo mañ fis samaawaati walarḍ: kulla Yawmin Huwa fee shaʹn!

उसी से माँगता है, जो कोई आकाशों तथा धरती में है। वह प्रतिदिन एक (नए) कार्य में है।

Verse 55:30

فَبِاَیِّ اٰلَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبٰنِ ۟

Fabiʹayyi ʹaalaaʹi Rabbikumaa tukaẓẓibaan?

तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

Verse 55:31

سَنَفْرُغُ لَكُمْ اَیُّهَ الثَّقَلٰنِ ۟ۚ

Sanafrug̣u lakum ʹayyuhas̤ s̤aq̣alaan!

हम जल्द ही तुम्हारे लिए फ़ारिग़ होंगे ऐ दो भारी समूहो! (जिन्नो और इनसानो!)

Verse 55:32

فَبِاَیِّ اٰلَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبٰنِ ۟

Fabiʹayyi ʹaalaaaʹi Rabbikumaa tukaẓẓibaan?

तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

Verse 55:33

یٰمَعْشَرَ الْجِنِّ وَالْاِنْسِ اِنِ اسْتَطَعْتُمْ اَنْ تَنْفُذُوْا مِنْ اَقْطَارِ السَّمٰوٰتِ وَالْاَرْضِ فَانْفُذُوْا ؕ لَا تَنْفُذُوْنَ اِلَّا بِسُلْطٰنٍ ۟ۚ

Yaa-Maʻsharal jinni wal-ʹiñsi ʹinis tataʻtum ʹañ tañfuẓoo min ʹaq̣ṭaaris samaawaati wal-ʹarḍi fañfuẓoo! laa- tañfuẓoona ʹillaa bisulṭaan!

ऐ जिन्न तथा मनुष्य के समूह! यदि तुम आकाशों तथा धरती के किनारों से निकल सकते हो, तो निकल भागो, (परंतु) तुम शक्ति (प्रभुत्व) के बिना नहीं निकल सकोगे।

Verse 55:34

فَبِاَیِّ اٰلَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبٰنِ ۟

Fabiʹayyi ʹaalaaaʹi Rabbikumaa tukaẓẓibaan?

तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

Verse 55:35

یُرْسَلُ عَلَیْكُمَا شُوَاظٌ مِّنْ نَّارٍ ۙ۬ وَّنُحَاسٌ فَلَا تَنْتَصِرٰنِ ۟ۚ

Yursalu ʻalaykumaa shuwaaz̤̣um min naariñwwa nuḥaasuñ falaa tañtaṣiraan;

तुम दोनों पर आग का ज्वाला तथा धुआँ छोड़ा जाएगा। फिर तुम अपने आपको बचा नहीं सकोगे।

Verse 55:36

فَبِاَیِّ اٰلَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبٰنِ ۟

Fabiʹayyi ʹaalaaaʹi Rabbikumaa tukaẓẓibaan?

तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

Verse 55:37

فَاِذَا انْشَقَّتِ السَّمَآءُ فَكَانَتْ وَرْدَةً كَالدِّهَانِ ۟ۚ

Faʹiẓañ shaq̣q̣atis samaaaʹu fakaanat wardatañ kaddihaan:

फिर जब आकाश फट जाएगा, तो वह तेल की तरह लाल हो जाएगा।

Verse 55:38

فَبِاَیِّ اٰلَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبٰنِ ۟

Fabiʹayyi ʹaalaaaʹi Rabbikumaa tukaẓẓibaan?

तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

Verse 55:39

فَیَوْمَىِٕذٍ لَّا یُسْـَٔلُ عَنْ ذَنْۢبِهٖۤ اِنْسٌ وَّلَا جَآنٌّ ۟ۚ

Fayawmaʹiẓil laa yusʹalu ʻañ ẓambiheee ʹiñsuñw Walaa jaaann,―

फिर उस दिन न किसी मनुष्य से उसके गुनाह के बारे में पूछा जाएगा और न किसी जिन्न से।

Verse 55:40

فَبِاَیِّ اٰلَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبٰنِ ۟

Fabiʹayyi ʹaalaaaʹi Rabbikumaa tukaẓẓibaan?

तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

Verse 55:41

یُعْرَفُ الْمُجْرِمُوْنَ بِسِیْمٰهُمْ فَیُؤْخَذُ بِالنَّوَاصِیْ وَالْاَقْدَامِ ۟ۚ

Yuʻraful mujrimoona biseemaahum fayuʹkhaẓu binnawaaṣee wal-ʹaq̣daam.

अपराधियों की पहचान उनके चिह्नों से होगी, फिर माथे के बालों और पैरों से (उन्हें) पकड़ा जाएगा।

Verse 55:42

فَبِاَیِّ اٰلَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبٰنِ ۟

Fabiʹayyi ʹaalaaaʹi Rabbikumaa tukaẓẓibaan?

तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

Verse 55:43

هٰذِهٖ جَهَنَّمُ الَّتِیْ یُكَذِّبُ بِهَا الْمُجْرِمُوْنَ ۟ۘ

Haaẓihee Jahannamul latee yukaẓẓibu bihal mujrimoon;

यही है वह जहन्नम, जिसे अपराधी लोग झुठलाते थे।

Verse 55:44

یَطُوْفُوْنَ بَیْنَهَا وَبَیْنَ حَمِیْمٍ اٰنٍ ۟ۚ

Yaṭoofoona baynahaa wa-bayna ḥameemin ʹaan!

वे उसके और खौलते हुए पानी के बीच चक्कर लगा रहे होंगे।

Verse 55:45

فَبِاَیِّ اٰلَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبٰنِ ۟۠

Fabiʹayyi ʹaalaaaʹi Rabbikumaa tukaẓẓibaan?

तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

Verse 55:46

وَلِمَنْ خَافَ مَقَامَ رَبِّهٖ جَنَّتٰنِ ۟ۚ

Wa-liman khaafa maq̣aama Rabbihee Jannataan,―

और जो व्यक्ति अपने पालनहार के समक्ष खड़े होने से डर गया, उसके लिए दो बाग़ हैं।

Verse 55:47

فَبِاَیِّ اٰلَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبٰنِ ۟ۙ

Fabiʹayyi ʹaalaaaʹi Rabbikumaa tukaẓẓibaan?

तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

Verse 55:48

ذَوَاتَاۤ اَفْنَانٍ ۟ۚ

Ẓawaataaa ʹafnaan:―

दोनों बहुत शाखाओं वाले हैं।

Verse 55:49

فَبِاَیِّ اٰلَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبٰنِ ۟

Fabiʹayyi ʹaalaaaʹi Rabbikumaa tukaẓẓibaaan?

तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

Verse 55:50

فِیْهِمَا عَیْنٰنِ تَجْرِیٰنِ ۟ۚ

Feehimaa ʻaynaani tajriyaan:―

उन दोनों में दो जल स्रोत बहते हैं।

Verse 55:51

فَبِاَیِّ اٰلَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبٰنِ ۟

Fabiʹayyi ʹaalaaaʹi Rabbikumaa tukaẓẓibaan?

तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

Verse 55:52

فِیْهِمَا مِنْ كُلِّ فَاكِهَةٍ زَوْجٰنِ ۟ۚ

Feehimaa miñ kulli faakihatiñ zawjaan.

उन दोनों में प्रत्येक फल के दो प्रकार हैं।

Verse 55:53

فَبِاَیِّ اٰلَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبٰنِ ۟

Fabiʹayyi ʹaalaaaʹi Rabbikumaa tukaẓẓibaan?

तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

Verse 55:54

مُتَّكِـِٕیْنَ عَلٰی فُرُشٍ بَطَآىِٕنُهَا مِنْ اِسْتَبْرَقٍ ؕ وَجَنَا الْجَنَّتَیْنِ دَانٍ ۟ۚ

Muttakiʹeena ʻalaa furushim baṭaaaʹinuhaa min ʹistabraq̣: wa-janal jannatayni daan.

ऐसे बिस्तरों पर तकिए लगाए होंगे, जिनके स्तर मोटे रेशम के हैं और दोनों बाग़ों के फल निकट हैं।

Verse 55:55

فَبِاَیِّ اٰلَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبٰنِ ۟

Fabiʹayyi ʹaalaaaʹi Rabbikumaa tukaẓẓibaan?

तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

Verse 55:56

فِیْهِنَّ قٰصِرٰتُ الطَّرْفِ ۙ لَمْ یَطْمِثْهُنَّ اِنْسٌ قَبْلَهُمْ وَلَا جَآنٌّ ۟ۚ

Feehinna q̣aaṣiraatuṭ ṭarfi lam yaṭmis̤hunna ʹiñsuñ q̣ablahum wa-laa jaaann;―

उनमें नीची निगाहों वाली औरतें हैं, जिन्हें उनसे पहले न किसी मनुष्य ने हाथ लगाया है और न किसी जिन्न ने।

Verse 55:57

فَبِاَیِّ اٰلَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبٰنِ ۟ۚ

Fabiʹayyi ʹaalaaaʹi Rabbikumaa tukaẓẓibaan?

तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

Verse 55:58

كَاَنَّهُنَّ الْیَاقُوْتُ وَالْمَرْجَانُ ۟ۚ

Kaʹannahunnal yaaq̣ootu wal-marjaan.

मानो वे (स्त्रियाँ) माणिक और मूँगा हैं।

Verse 55:59

فَبِاَیِّ اٰلَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبٰنِ ۟

Fabiʹayyi ʹaalaaaʹi Rabbikumaa tukaẓẓibaan?

तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

Verse 55:60

هَلْ جَزَآءُ الْاِحْسَانِ اِلَّا الْاِحْسَانُ ۟ۚ

Hal Jazaaaʹul ʹIḥsaani ʹillal ʹIḥsaan?

एहसान का बदला एहसान के सिवा क्या है?

Verse 55:61

فَبِاَیِّ اٰلَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبٰنِ ۟

Fabiʹayyi ʹaalaaaʹi Rabbikumaa tukaẓẓibaan?

तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

Verse 55:62

وَمِنْ دُوْنِهِمَا جَنَّتٰنِ ۟ۚ

Wa-miñ doonihimaa Jannataan,―

तथा इन दो (बाग़ों) के अलावा और दो बाग़ हैं।

Verse 55:63

فَبِاَیِّ اٰلَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبٰنِ ۟ۙ

Fabiʹayyi ʹaalaaaʹi Rabbikumaa tukaẓẓibaan?

तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

Verse 55:64

مُدْهَآمَّتٰنِ ۟ۚ

Mudhaaammataan.

दोनों गहरे हरे रंग के हैं।

Verse 55:65

فَبِاَیِّ اٰلَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبٰنِ ۟ۚ

Fabiʹayyi ʹaalaaaʹi Rabbikumaa tukaẓẓibaan?

तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

Verse 55:66

فِیْهِمَا عَیْنٰنِ نَضَّاخَتٰنِ ۟ۚ

Feehimaa ʻaynaani naḍ-ḍaakhataan:

उन दोनों में जोश मारते हुए दो जल स्रोत हैं।

Verse 55:67

فَبِاَیِّ اٰلَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبٰنِ ۟

Fabiʹayyi ʹaalaaaʹi Rabbikumaa tukaẓẓibaan?

तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

Verse 55:68

فِیْهِمَا فَاكِهَةٌ وَّنَخْلٌ وَّرُمَّانٌ ۟ۚ

Feehimaa faakihatuñw wanakhluñw warummaan:

उन दोनों में फल तथा खजूर के पेड़ और अनार हैं।

Verse 55:69

فَبِاَیِّ اٰلَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبٰنِ ۟ۚ

Fabiʹayyi ʹaalaaaʹi Rabbikumaa tukaẓẓibaan?

तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

Verse 55:70

فِیْهِنَّ خَیْرٰتٌ حِسَانٌ ۟ۚ

Feehinna khayraatun ḥisaan;

उनमें कई अच्छे व्यवहार वाली, खूबसूरत महिलाएं हैं।

Verse 55:71

فَبِاَیِّ اٰلَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبٰنِ ۟ۚ

Fabiʹayyi ʹaalaaaʹi Rabbikumaa tukaẓẓibaan?

तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

Verse 55:72

حُوْرٌ مَّقْصُوْرٰتٌ فِی الْخِیَامِ ۟ۚ

Ḥoorum maq̣ṣooraatuñ fil khiyaam;―

हूरें (यानी गोरे बदन, काली आँखों वाली औरतें), जो खेमों में रोकी हुई हैं।

Verse 55:73

فَبِاَیِّ اٰلَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبٰنِ ۟ۚ

Fabiʹayyi ʹaalaaaʹi Rabbikumaa tukaẓẓibaan?

तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

Verse 55:74

لَمْ یَطْمِثْهُنَّ اِنْسٌ قَبْلَهُمْ وَلَا جَآنٌّ ۟ۚ

Lam yaṭmis̤hunna ʹiñsuñ q̣ablahum wa-laa jaaan;

उनसे पहले न तो किसी मनुष्य ने उन्हें छुआ है और न ही किसी जिन्न ने।

Verse 55:75

فَبِاَیِّ اٰلَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبٰنِ ۟

Fabiʹayyi ʹaalaaaʹi Rabbikumaa tukaẓẓibaan?

तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

Verse 55:76

مُتَّكِـِٕیْنَ عَلٰی رَفْرَفٍ خُضْرٍ وَّعَبْقَرِیٍّ حِسَانٍ ۟ۚ

Muttakiʹeena ʻalaa rafrafin khuḍriñw waʻabq̣ariyyin ḥisaan.

वे हरी और उत्कृष्ट एवं अति सुंदर क़ालीनों पर तकिया लगाए होंगे।

Verse 55:77

فَبِاَیِّ اٰلَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبٰنِ ۟

Fabiʹayyi ʹaalaaaʹi Rabbikumaa tukaẓẓibaan?

तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

Verse 55:78

تَبٰرَكَ اسْمُ رَبِّكَ ذِی الْجَلٰلِ وَالْاِكْرَامِ ۟۠

Tabaarak asmu Rabbika Ẓil Jalaali wal-ʹIkraam.

बहुत बरकत वाला है आपके पालनहार का नाम, जो बड़ी महिमा और सम्मान वाला है।