Frequently Asked Questions about Surah Al-Buruj
How many verses are in Surah Al-Buruj?
There are 22 verses in Surah Al-Buruj.
Is Surah Al-Buruj a Meccan or Medinan Surah?
Surah Al-Buruj is a Meccan Surah.
Arabic Text and Translation
Verse 85:1
وَٱلسَّمَآءِ ذَاتِ ٱلْبُرُوجِ
क़सम है बुर्जों वाले आकाश की!
Verse 85:2
وَٱلْيَوْمِ ٱلْمَوْعُودِ
और क़सम है उस दिन की, जिसका वादा किया गया है!
Verse 85:3
وَشَاهِدٍ وَمَشْهُودٍ
क़सम है गवाह की और उसकी, जिसके बारे में गवाही दी जाएगी!
Verse 85:4
قُتِلَ أَصْحَـٰبُ ٱلْأُخْدُودِ
खाई वालों का नाश हो गया!1
Verse 85:5
ٱلنَّارِ ذَاتِ ٱلْوَقُودِ
जिसमें ईंधन से भरी आग थी।
Verse 85:6
إِذْ هُمْ عَلَيْهَا قُعُودٌ
जबकि वे उस (के किनारों) पर बैठे हुए थे।
Verse 85:7
وَهُمْ عَلَىٰ مَا يَفْعَلُونَ بِٱلْمُؤْمِنِينَ شُهُودٌ
और वे ईमान वालों के साथ जो कुछ कर रहे थे, उस पर गवाह थे।
Verse 85:8
وَمَا نَقَمُوا۟ مِنْهُمْ إِلَّآ أَن يُؤْمِنُوا۟ بِٱللَّهِ ٱلْعَزِيزِ ٱلْحَمِيدِ
और उन्हें ईमान वालों की केवल यह बात बुरी लगी कि वे उस अल्लाह पर ईमान रखते थे, जो प्रभुत्वशाली और हर प्रकार की प्रशंसा के योग्य है।
Verse 85:9
ٱلَّذِى لَهُۥ مُلْكُ ٱلسَّمَـٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضِ ۚ وَٱللَّهُ عَلَىٰ كُلِّ شَىْءٍ شَهِيدٌ
वह (अल्लाह) कि जिसके लिए आकाशों और धरती का राज्य है, और अल्लाह हर चीज़ से अवगत है।
Verse 85:10
إِنَّ ٱلَّذِينَ فَتَنُوا۟ ٱلْمُؤْمِنِينَ وَٱلْمُؤْمِنَـٰتِ ثُمَّ لَمْ يَتُوبُوا۟ فَلَهُمْ عَذَابُ جَهَنَّمَ وَلَهُمْ عَذَابُ ٱلْحَرِيقِ
निश्चय जिन लोगों ने ईमान वाले पुरुषों और ईमान वाली स्त्रियों को परीक्षण में डाला (सताया), फिर तौबा न की, तो उनके लिए जहन्नम की यातना है तथा उनके लिए जलाने वाली यातना है।
Verse 85:11
إِنَّ ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ وَعَمِلُوا۟ ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ لَهُمْ جَنَّـٰتٌ تَجْرِى مِن تَحْتِهَا ٱلْأَنْهَـٰرُ ۚ ذَٰلِكَ ٱلْفَوْزُ ٱلْكَبِيرُ
निःसंदेह जो लोग ईमान लाए और उन्होंने अच्छे काम किए, उनके लिए ऐसे बाग़ हैं, जिनके नीचे नहरें बह रही हैं और यही बहुत बड़ी सफलता है।1
Verse 85:12
إِنَّ بَطْشَ رَبِّكَ لَشَدِيدٌ
निःसंदेह तेरे पालनहार की पकड़ बड़ी सख्त है।
Verse 85:13
إِنَّهُۥ هُوَ يُبْدِئُ وَيُعِيدُ
निःसंदेह वही पहली बार पैदा करता है और (वही) दूसरी बार पैदा करेगा।
Verse 85:14
وَهُوَ ٱلْغَفُورُ ٱلْوَدُودُ
और वह है जो अत्यंत क्षमा करने वाला, बहुत प्रेम करने वाला है।
Verse 85:15
ذُو ٱلْعَرْشِ ٱلْمَجِيدُ
वह अर्श (सिंहासन) का मालिक, बड़ा गौरवशाली है।
Verse 85:16
فَعَّالٌ لِّمَا يُرِيدُ
वह जो चाहता है, कर गुज़रने वाला है।1
Verse 85:17
هَلْ أَتَىٰكَ حَدِيثُ ٱلْجُنُودِ
(ऐ नबी!) क्या तुम्हें सेनाओं की ख़बर पहुँची है?
Verse 85:18
فِرْعَوْنَ وَثَمُودَ
फ़िरऔन तथा समूद की?1
Verse 85:19
بَلِ ٱلَّذِينَ كَفَرُوا۟ فِى تَكْذِيبٍ
बल्कि वे लोग जिन्होंने कुफ़्र किया, झुठलाने में लगे हुए हैं।
Verse 85:20
وَٱللَّهُ مِن وَرَآئِهِم مُّحِيطٌۢ
और अल्लाह उनके पीछे से (उन्हें) घेरे हुए है।1