Frequently Asked Questions about Surah Adh-Dhariyat
How many verses are in Surah Adh-Dhariyat?
There are 60 verses in Surah Adh-Dhariyat.
Is Surah Adh-Dhariyat a Meccan or Medinan Surah?
Surah Adh-Dhariyat is a Meccan Surah.
Arabic Text and Translation
Verse 51:1
وَٱلذَّٰرِيَـٰتِ ذَرْوًا
क़सम है उन (हवाओं) की जो (धूल आदि) उड़ाने वाली हैं!
Verse 51:2
فَٱلْحَـٰمِلَـٰتِ وِقْرًا
फिर पानी का बड़ा भारी बोझ उठाने वाले बादलों की!
Verse 51:3
فَٱلْجَـٰرِيَـٰتِ يُسْرًا
फिर आसानी से चलने वाली नावों की!
Verse 51:4
فَٱلْمُقَسِّمَـٰتِ أَمْرًا
फिर (अल्लाह का) आदेश बाँटने वाले (फ़रिश्तों की)!
Verse 51:5
إِنَّمَا تُوعَدُونَ لَصَادِقٌ
निःसंदेह जो तुमसे वादा किया जाता है, निश्चय वह सत्य है।1
Verse 51:6
وَإِنَّ ٱلدِّينَ لَوَٰقِعٌ
तथा निःसंदेह हिसाब अनिवार्य रूप से घटित होने वाला है।
Verse 51:7
وَٱلسَّمَآءِ ذَاتِ ٱلْحُبُكِ
क़सम है रास्तों वाले आकाश की!
Verse 51:8
إِنَّكُمْ لَفِى قَوْلٍ مُّخْتَلِفٍ
निःसंदेह तुम निश्चय एक विवादास्पद बात1 में पड़े हो।
Verse 51:9
يُؤْفَكُ عَنْهُ مَنْ أُفِكَ
उससे वही फेरा जाता है, जो (अल्लाह के ज्ञान में) फेर दिया गया है।
Verse 51:10
قُتِلَ ٱلْخَرَّٰصُونَ
अटकल लगाने वाले मारे गए।
Verse 51:11
ٱلَّذِينَ هُمْ فِى غَمْرَةٍ سَاهُونَ
जो बड़ी ग़फ़लत में भूले हुए हैं।
Verse 51:12
يَسْـَٔلُونَ أَيَّانَ يَوْمُ ٱلدِّينِ
वे पूछते1 हैं कि बदले का दिन कब है?
Verse 51:13
يَوْمَ هُمْ عَلَى ٱلنَّارِ يُفْتَنُونَ
जिस दिन वे आग पर तपाए जाएँगे।
Verse 51:14
ذُوقُوا۟ فِتْنَتَكُمْ هَـٰذَا ٱلَّذِى كُنتُم بِهِۦ تَسْتَعْجِلُونَ
अपने फ़ितने (यातना) का मज़ा चखो, यही है जिसके लिए तुम जल्दी मचा रहे थे।
Verse 51:15
إِنَّ ٱلْمُتَّقِينَ فِى جَنَّـٰتٍ وَعُيُونٍ
निःसंदेह परहेज़गार लोग बाग़ों और जल स्रोतों में होंगे।
Verse 51:16
ءَاخِذِينَ مَآ ءَاتَىٰهُمْ رَبُّهُمْ ۚ إِنَّهُمْ كَانُوا۟ قَبْلَ ذَٰلِكَ مُحْسِنِينَ
जो कुछ उनका रब उन्हें देगा, उसे वे लेने वाले होंगे। निश्चय ही वे इससे पहले नेकी करने वाले थे।
Verse 51:17
كَانُوا۟ قَلِيلًا مِّنَ ٱلَّيْلِ مَا يَهْجَعُونَ
वे रात के बहुत थोड़े भाग में सोते थे।1
Verse 51:18
وَبِٱلْأَسْحَارِ هُمْ يَسْتَغْفِرُونَ
तथा रात्रि की अंतिम घड़ियों1 में वे क्षमा याचना करते थे।
Verse 51:19
وَفِىٓ أَمْوَٰلِهِمْ حَقٌّ لِّلسَّآئِلِ وَٱلْمَحْرُومِ
और उनके धनों में माँगने वाले तथा वंचित1 के लिए एक हक़ (हिस्सा) था।
Verse 51:20
وَفِى ٱلْأَرْضِ ءَايَـٰتٌ لِّلْمُوقِنِينَ
तथा धरती में विश्वास करने वालों के लिए बहुत-सी निशानियाँ हैं।