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सूरहें 55

Ar-Rahman

The Beneficent · Madani · 78 ayahs

अनुवादक Hindi Maulana Azizul Haque Al Umari

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  1. 1

    ٱلرَّحْمَـٰنُ

    ʹAR-RAḤ-MAAN.

    अत्यंत दयावान् ने।

  2. 2

    عَلَّمَ ٱلْقُرْءَانَ

    ʻAllamal Q̣urʹaan.

    यह क़ुरआन सिखाया।

  3. 3

    خَلَقَ ٱلْإِنسَـٰنَ

    Khalaq̣al ʹiñsaan.

    उसने मनुष्य को पैदा किया।

  4. 4

    عَلَّمَهُ ٱلْبَيَانَ

    ʻAllamahul bayaan.

    उसे बात करना सिखाया।

  5. 5

    ٱلشَّمْسُ وَٱلْقَمَرُ بِحُسْبَانٍ

    ʹAshshamsu walq̣amaru biḥusbaan;

    सूर्य तथा चंद्रमा एक हिसाब से चल रहे हैं।

  6. 6

    وَٱلنَّجْمُ وَٱلشَّجَرُ يَسْجُدَانِ

    Wannajmu washshajaru yasjudaan.

    तथा बिना तने के पौधे और पेड़ सजदा करते हैं।

  7. 7

    وَٱلسَّمَآءَ رَفَعَهَا وَوَضَعَ ٱلْمِيزَانَ

    Was-Samaaaʹa rafaʻahaa wa-waḍaʻal Meezaan

    और उसने आकाश को ऊँचा किया और न्याय का संतुलन स्थापित किया।

  8. 8

    أَلَّا تَطْغَوْا۟ فِى ٱلْمِيزَانِ

    ʹAllaa taṭg̣aw fil meezaan.

    ताकि तुम माप-तौल में अति न करो।

  9. 9

    وَأَقِيمُوا۟ ٱلْوَزْنَ بِٱلْقِسْطِ وَلَا تُخْسِرُوا۟ ٱلْمِيزَانَ

    Wa-ʹaq̣eemul wazna bilq̣isṭi wa-laa tukhsirul meezaan.

    तथा न्याय के साथ तौल को सीधा रखो और माप-तौल में कमी न करो।

  10. 10

    وَٱلْأَرْضَ وَضَعَهَا لِلْأَنَامِ

    Wal-ʹarḍa waḍaʻahaa lilʹanaam:

    और उसने धरती को सृष्टि के लिए (रहने योग्य) बनाया।

  11. 11

    فِيهَا فَـٰكِهَةٌ وَٱلنَّخْلُ ذَاتُ ٱلْأَكْمَامِ

    Feehaa faakihatuñw wan-nakhlu ẓaatul ʹakmaam;

    उसमें फल हैं, तथा आवरणों वाले खजूर के वृक्ष हैं।

  12. 12

    وَٱلْحَبُّ ذُو ٱلْعَصْفِ وَٱلرَّيْحَانُ

    Walḥabbu ẓul ʻaṣfi war-rayḥaan.

    और भूसे वाले अन्न तथा सुगंधित पौधे हैं।

  13. 13

    فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    Fabiʹayyi ʹaalaaaʹi Rabbikumaa tukaẓẓibaan?

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

  14. 14

    خَلَقَ ٱلْإِنسَـٰنَ مِن صَلْصَـٰلٍ كَٱلْفَخَّارِ

    Khalaq̣al ʹiñsaana miñ ṣalṣaaliñ kalfakhkhaar,

    उसने मनुष्य को ठीकरी की तरह बजने वाली मिट्टी से पैदा किया।

  15. 15

    وَخَلَقَ ٱلْجَآنَّ مِن مَّارِجٍ مِّن نَّارٍ

    Wa-khalaq̣al Jaaanna mim maarijim min Naar:

    तथा जिन्नों को आग की ज्वाला से पैदा किया।

  16. 16

    فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    Fabiʹayyi ʹaalaaaʹi Rabbikumaa tukaẓẓibaan?

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

  17. 17

    رَبُّ ٱلْمَشْرِقَيْنِ وَرَبُّ ٱلْمَغْرِبَيْنِ

    Rabbul Mashriq̣ayni wa-rabbul Mag̣ribayn:

    (वह) सूर्योदय के दोनों स्थानों तथा सूर्यास्त के दोनों स्थानों का रब है।

  18. 18

    فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    Fabiʹayyi ʹaalaaʹi Rabbikumaa tukaẓẓibaan?

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

  19. 19

    مَرَجَ ٱلْبَحْرَيْنِ يَلْتَقِيَانِ

    Marajal baḥrayni yaltaq̣iyaan:

    उसने दो सागरों को मिला दिया, जो (देखने में) आपस में मिलते हैं।

  20. 20

    بَيْنَهُمَا بَرْزَخٌ لَّا يَبْغِيَانِ

    Baynahumaa Barzakhul laa yabg̣iyaan:

    उन दोनों के बीच एक अवरोध है (जिससे) वे आगे नहीं बढ़ते।

  21. 21

    فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    Fabiʹayyi ʹaalaaaʹi Rabbikumaa tukaẓẓibaan?

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

  22. 22

    يَخْرُجُ مِنْهُمَا ٱللُّؤْلُؤُ وَٱلْمَرْجَانُ

    Yakhruju minhumal Luʹluʹu wal-Marjaan:

    उन दोनों से मोती और मूँगा निकलते हैं।

  23. 23

    فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    Fabiʹayyi ʹaalaaaʹi Rabbikumaa tukaẓẓibaan?

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

  24. 24

    وَلَهُ ٱلْجَوَارِ ٱلْمُنشَـَٔاتُ فِى ٱلْبَحْرِ كَٱلْأَعْلَـٰمِ

    Wa-lahul Jawaaril muñ-shaʹaaatu fil baḥri kal-ʹaʻlaam:

    तथा उसी के अधिकार में हैं समुद्र में चलने वाले पहाड़ों जैसे जहाज़।

  25. 25

    فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    Fabiʹayyi ʹaalaaaʹi Rabbikumaa tukaẓẓibaan?

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

  26. 26

    كُلُّ مَنْ عَلَيْهَا فَانٍ

    Kullu man ʻalayhaa faan:

    हर कोई जो इस (धरती) पर है, नष्ट होने वाला है।

  27. 27

    وَيَبْقَىٰ وَجْهُ رَبِّكَ ذُو ٱلْجَلَـٰلِ وَٱلْإِكْرَامِ

    Wa-yabq̣aa Wajhu Rabbika Ẓul Jalaali wal-ʹIkraam.

    तथा आपके पालनहार का चेहरा बाक़ी रहेगा, जो बड़ी महिमा और सम्मान वाला है।

  28. 28

    فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    Fabiʹayyi ʹaalaaaʹi Rabbikumaa tukaẓẓibaan?

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

  29. 29

    يَسْـَٔلُهُۥ مَن فِى ٱلسَّمَـٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضِ ۚ كُلَّ يَوْمٍ هُوَ فِى شَأْنٍ

    Yasʹaluhoo mañ fis samaawaati walarḍ: kulla Yawmin Huwa fee shaʹn!

    उसी से माँगता है, जो कोई आकाशों तथा धरती में है। वह प्रतिदिन एक (नए) कार्य में है।

  30. 30

    فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    Fabiʹayyi ʹaalaaʹi Rabbikumaa tukaẓẓibaan?

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

  31. 31

    سَنَفْرُغُ لَكُمْ أَيُّهَ ٱلثَّقَلَانِ

    Sanafrug̣u lakum ʹayyuhas̤ s̤aq̣alaan!

    हम जल्द ही तुम्हारे लिए फ़ारिग़ होंगे ऐ दो भारी समूहो! (जिन्नो और इनसानो!)

  32. 32

    فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    Fabiʹayyi ʹaalaaaʹi Rabbikumaa tukaẓẓibaan?

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

  33. 33

    يَـٰمَعْشَرَ ٱلْجِنِّ وَٱلْإِنسِ إِنِ ٱسْتَطَعْتُمْ أَن تَنفُذُوا۟ مِنْ أَقْطَارِ ٱلسَّمَـٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضِ فَٱنفُذُوا۟ ۚ لَا تَنفُذُونَ إِلَّا بِسُلْطَـٰنٍ

    Yaa-Maʻsharal jinni wal-ʹiñsi ʹinis tataʻtum ʹañ tañfuẓoo min ʹaq̣ṭaaris samaawaati wal-ʹarḍi fañfuẓoo! laa- tañfuẓoona ʹillaa bisulṭaan!

    ऐ जिन्न तथा मनुष्य के समूह! यदि तुम आकाशों तथा धरती के किनारों से निकल सकते हो, तो निकल भागो, (परंतु) तुम शक्ति (प्रभुत्व) के बिना नहीं निकल सकोगे।

  34. 34

    فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    Fabiʹayyi ʹaalaaaʹi Rabbikumaa tukaẓẓibaan?

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

  35. 35

    يُرْسَلُ عَلَيْكُمَا شُوَاظٌ مِّن نَّارٍ وَنُحَاسٌ فَلَا تَنتَصِرَانِ

    Yursalu ʻalaykumaa shuwaaz̤̣um min naariñwwa nuḥaasuñ falaa tañtaṣiraan;

    तुम दोनों पर आग का ज्वाला तथा धुआँ छोड़ा जाएगा। फिर तुम अपने आपको बचा नहीं सकोगे।

  36. 36

    فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    Fabiʹayyi ʹaalaaaʹi Rabbikumaa tukaẓẓibaan?

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

  37. 37

    فَإِذَا ٱنشَقَّتِ ٱلسَّمَآءُ فَكَانَتْ وَرْدَةً كَٱلدِّهَانِ

    Faʹiẓañ shaq̣q̣atis samaaaʹu fakaanat wardatañ kaddihaan:

    फिर जब आकाश फट जाएगा, तो वह तेल की तरह लाल हो जाएगा।

  38. 38

    فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    Fabiʹayyi ʹaalaaaʹi Rabbikumaa tukaẓẓibaan?

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

  39. 39

    فَيَوْمَئِذٍ لَّا يُسْـَٔلُ عَن ذَنۢبِهِۦٓ إِنسٌ وَلَا جَآنٌّ

    Fayawmaʹiẓil laa yusʹalu ʻañ ẓambiheee ʹiñsuñw Walaa jaaann,―

    फिर उस दिन न किसी मनुष्य से उसके गुनाह के बारे में पूछा जाएगा और न किसी जिन्न से।

  40. 40

    فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    Fabiʹayyi ʹaalaaaʹi Rabbikumaa tukaẓẓibaan?

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

  41. 41

    يُعْرَفُ ٱلْمُجْرِمُونَ بِسِيمَـٰهُمْ فَيُؤْخَذُ بِٱلنَّوَٰصِى وَٱلْأَقْدَامِ

    Yuʻraful mujrimoona biseemaahum fayuʹkhaẓu binnawaaṣee wal-ʹaq̣daam.

    अपराधियों की पहचान उनके चिह्नों से होगी, फिर माथे के बालों और पैरों से (उन्हें) पकड़ा जाएगा।

  42. 42

    فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    Fabiʹayyi ʹaalaaaʹi Rabbikumaa tukaẓẓibaan?

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

  43. 43

    هَـٰذِهِۦ جَهَنَّمُ ٱلَّتِى يُكَذِّبُ بِهَا ٱلْمُجْرِمُونَ

    Haaẓihee Jahannamul latee yukaẓẓibu bihal mujrimoon;

    यही है वह जहन्नम, जिसे अपराधी लोग झुठलाते थे।

  44. 44

    يَطُوفُونَ بَيْنَهَا وَبَيْنَ حَمِيمٍ ءَانٍ

    Yaṭoofoona baynahaa wa-bayna ḥameemin ʹaan!

    वे उसके और खौलते हुए पानी के बीच चक्कर लगा रहे होंगे।

  45. 45

    فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    Fabiʹayyi ʹaalaaaʹi Rabbikumaa tukaẓẓibaan?

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

  46. 46

    وَلِمَنْ خَافَ مَقَامَ رَبِّهِۦ جَنَّتَانِ

    Wa-liman khaafa maq̣aama Rabbihee Jannataan,―

    और जो व्यक्ति अपने पालनहार के समक्ष खड़े होने से डर गया, उसके लिए दो बाग़ हैं।

  47. 47

    فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    Fabiʹayyi ʹaalaaaʹi Rabbikumaa tukaẓẓibaan?

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

  48. 48

    ذَوَاتَآ أَفْنَانٍ

    Ẓawaataaa ʹafnaan:―

    दोनों बहुत शाखाओं वाले हैं।

  49. 49

    فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    Fabiʹayyi ʹaalaaaʹi Rabbikumaa tukaẓẓibaaan?

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

  50. 50

    فِيهِمَا عَيْنَانِ تَجْرِيَانِ

    Feehimaa ʻaynaani tajriyaan:―

    उन दोनों में दो जल स्रोत बहते हैं।

  51. 51

    فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    Fabiʹayyi ʹaalaaaʹi Rabbikumaa tukaẓẓibaan?

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

  52. 52

    فِيهِمَا مِن كُلِّ فَـٰكِهَةٍ زَوْجَانِ

    Feehimaa miñ kulli faakihatiñ zawjaan.

    उन दोनों में प्रत्येक फल के दो प्रकार हैं।

  53. 53

    فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    Fabiʹayyi ʹaalaaaʹi Rabbikumaa tukaẓẓibaan?

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

  54. 54

    مُتَّكِـِٔينَ عَلَىٰ فُرُشٍۭ بَطَآئِنُهَا مِنْ إِسْتَبْرَقٍ ۚ وَجَنَى ٱلْجَنَّتَيْنِ دَانٍ

    Muttakiʹeena ʻalaa furushim baṭaaaʹinuhaa min ʹistabraq̣: wa-janal jannatayni daan.

    ऐसे बिस्तरों पर तकिए लगाए होंगे, जिनके स्तर मोटे रेशम के हैं और दोनों बाग़ों के फल निकट हैं।

  55. 55

    فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    Fabiʹayyi ʹaalaaaʹi Rabbikumaa tukaẓẓibaan?

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

  56. 56

    فِيهِنَّ قَـٰصِرَٰتُ ٱلطَّرْفِ لَمْ يَطْمِثْهُنَّ إِنسٌ قَبْلَهُمْ وَلَا جَآنٌّ

    Feehinna q̣aaṣiraatuṭ ṭarfi lam yaṭmis̤hunna ʹiñsuñ q̣ablahum wa-laa jaaann;―

    उनमें नीची निगाहों वाली औरतें हैं, जिन्हें उनसे पहले न किसी मनुष्य ने हाथ लगाया है और न किसी जिन्न ने।

  57. 57

    فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    Fabiʹayyi ʹaalaaaʹi Rabbikumaa tukaẓẓibaan?

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

  58. 58

    كَأَنَّهُنَّ ٱلْيَاقُوتُ وَٱلْمَرْجَانُ

    Kaʹannahunnal yaaq̣ootu wal-marjaan.

    मानो वे (स्त्रियाँ) माणिक और मूँगा हैं।

  59. 59

    فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    Fabiʹayyi ʹaalaaaʹi Rabbikumaa tukaẓẓibaan?

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

  60. 60

    هَلْ جَزَآءُ ٱلْإِحْسَـٰنِ إِلَّا ٱلْإِحْسَـٰنُ

    Hal Jazaaaʹul ʹIḥsaani ʹillal ʹIḥsaan?

    एहसान का बदला एहसान के सिवा क्या है?

  61. 61

    فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    Fabiʹayyi ʹaalaaaʹi Rabbikumaa tukaẓẓibaan?

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

  62. 62

    وَمِن دُونِهِمَا جَنَّتَانِ

    Wa-miñ doonihimaa Jannataan,―

    तथा इन दो (बाग़ों) के अलावा और दो बाग़ हैं।

  63. 63

    فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    Fabiʹayyi ʹaalaaaʹi Rabbikumaa tukaẓẓibaan?

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

  64. 64

    مُدْهَآمَّتَانِ

    Mudhaaammataan.

    दोनों गहरे हरे रंग के हैं।

  65. 65

    فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    Fabiʹayyi ʹaalaaaʹi Rabbikumaa tukaẓẓibaan?

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

  66. 66

    فِيهِمَا عَيْنَانِ نَضَّاخَتَانِ

    Feehimaa ʻaynaani naḍ-ḍaakhataan:

    उन दोनों में जोश मारते हुए दो जल स्रोत हैं।

  67. 67

    فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    Fabiʹayyi ʹaalaaaʹi Rabbikumaa tukaẓẓibaan?

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

  68. 68

    فِيهِمَا فَـٰكِهَةٌ وَنَخْلٌ وَرُمَّانٌ

    Feehimaa faakihatuñw wanakhluñw warummaan:

    उन दोनों में फल तथा खजूर के पेड़ और अनार हैं।

  69. 69

    فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    Fabiʹayyi ʹaalaaaʹi Rabbikumaa tukaẓẓibaan?

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

  70. 70

    فِيهِنَّ خَيْرَٰتٌ حِسَانٌ

    Feehinna khayraatun ḥisaan;

    उनमें कई अच्छे व्यवहार वाली, खूबसूरत महिलाएं हैं।

  71. 71

    فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    Fabiʹayyi ʹaalaaaʹi Rabbikumaa tukaẓẓibaan?

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

  72. 72

    حُورٌ مَّقْصُورَٰتٌ فِى ٱلْخِيَامِ

    Ḥoorum maq̣ṣooraatuñ fil khiyaam;―

    हूरें (यानी गोरे बदन, काली आँखों वाली औरतें), जो खेमों में रोकी हुई हैं।

  73. 73

    فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    Fabiʹayyi ʹaalaaaʹi Rabbikumaa tukaẓẓibaan?

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

  74. 74

    لَمْ يَطْمِثْهُنَّ إِنسٌ قَبْلَهُمْ وَلَا جَآنٌّ

    Lam yaṭmis̤hunna ʹiñsuñ q̣ablahum wa-laa jaaan;

    उनसे पहले न तो किसी मनुष्य ने उन्हें छुआ है और न ही किसी जिन्न ने।

  75. 75

    فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    Fabiʹayyi ʹaalaaaʹi Rabbikumaa tukaẓẓibaan?

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

  76. 76

    مُتَّكِـِٔينَ عَلَىٰ رَفْرَفٍ خُضْرٍ وَعَبْقَرِىٍّ حِسَانٍ

    Muttakiʹeena ʻalaa rafrafin khuḍriñw waʻabq̣ariyyin ḥisaan.

    वे हरी और उत्कृष्ट एवं अति सुंदर क़ालीनों पर तकिया लगाए होंगे।

  77. 77

    فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ

    Fabiʹayyi ʹaalaaaʹi Rabbikumaa tukaẓẓibaan?

    तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?

  78. 78

    تَبَـٰرَكَ ٱسْمُ رَبِّكَ ذِى ٱلْجَلَـٰلِ وَٱلْإِكْرَامِ

    Tabaarak asmu Rabbika Ẓil Jalaali wal-ʹIkraam.

    बहुत बरकत वाला है आपके पालनहार का नाम, जो बड़ी महिमा और सम्मान वाला है।